बीजापुर , मार्च 14 -- छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित जिले बीजापुर में सुरक्षा बलों ने नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुर्गम एवं पहुंचविहीन ग्राम बड़े गुण्डेम में गुरुवार को नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना सफलतापूर्वक की गई।

शनिवार काे मिली अधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कैम्प डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 12वीं वाहिनी 'डी' कंपनी की संयुक्त टीमों द्वारा स्थापित किया गया। यह क्षेत्र अपनी भौगोलिक दुर्गमता एवं घने जंगलों के कारण लंबे समय से माओवादियों का गढ़ रहा है। सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस एवं दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए प्राकृतिक चुनौतियों को पार कर इस कैम्प की स्थापना को अंजाम दिया।

नवीन कैम्प की स्थापना को भोपालपटनम से फरसेगढ़ को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ सुरक्षा बलों को क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ अपने अभियानों को तेज करने में मदद मिलेगी, बल्कि इस क्षेत्र में बसे दूरस्थ गांवों का संपर्क मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। प्रशासन का दावा है कि इससे क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।

बड़े गुण्डेम में कैम्प की स्थापना का कार्य पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। यह कैम्प केवल सुरक्षा की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि विकास के समन्वय के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों को अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक आसानी से मिल सकेगा। कैम्प स्थापित होने से आसपास के ग्रामीणों में उत्साह और प्रशासन के प्रति विश्वास का माहौल बना है। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा कैम्पों की मौजूदगी से माओवादियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

गौरतलब है कि जिले में नक्सल उन्मूलन के प्रयास तेजी से जारी हैं। वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 37 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। सुरक्षा बलों के निरंतर अभियानों और कैम्पों की स्थापना का सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहा है। इस अवधि में 955 माओवादी पुनर्वासित हुए हैं, जबकि विभिन्न मुठभेड़ों में 234 माओवादी मारे गए हैं। इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने अब तक की कार्रवाई में 1184 माओवादियों को गिरफ्तार करने में भी सफलता हासिल की है।

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