बीजापुर , मार्च 27 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर के मद्देड़ थाना क्षेत्र में बच्चा चोर और बकरा चोरी की गलतफहमी में दो युवकों की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। पिटाई से घायल एक युवक को बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है जबकि दूसरे घायल का ईलाज स्थानीय जिला अस्पताल में किया जा रहा है। इस तरह की घटना फिर किसी के साथ ना हो इसे ध्यान में रखकर जिला पुलिस ने एक दिशा निर्देश जारी किया है।
पुलिस से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम दंपाया निवासी विकास कावटी और संतोष कावटी अपने दीदी के गांव मुत्तापुर से बकरा खरीदकर लौट रहे थे। नदी पार करते समय बकरा हाथ से छूट गया, जिसे पकड़ने के लिए दोनों उसके पीछे दौड़े। इसी दौरान बंगापल्ली गांव के कुछ ग्रामीणों ने उन्हें देखकर बकरा चोरी का शक जताया और बिना किसी पुष्टि के हमला कर दिया। भीड़ ने लाठी-डंडों से दोनों युवकों की जमकर पिटाई कर दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना में घायल संतोष कावटी शासकीय कर्मचारी हैं और शिक्षा से संबद्ध एक कार्यालय में सेवक के पद पर कार्यरत हैं। घायलों में से एक की हालत नाजुक होने पर उसे रायपुर स्थानांतरित किया गया है,जबकि दूसरे का इलाज बीजापुर जिला अस्पताल में जारी है।
परिजनों के अनुसार, उन्हें फोन पर सूचना मिली कि दोनों युवकों को बंगापल्ली में पीटा जा रहा है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि करीब 20-25 लोग लाठी-डंडों से मारपीट कर रहे थे। बीच-बचाव करने पर हमलावरों ने परिजनों के साथ भी दुर्व्यवहार और मारपीट की। बाद में कुछ पहचान वाले युवकों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आई।
मामले में मद्देड़ थाना पुलिस ने 20-25 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 109, 190, 191(2) और 191(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सारथी.अभयवार्ताइस बीच पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने जनता से अपील की है कि बच्चा चोरी या किडनी चोरी जैसी अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि ऐसी अधिकांश सूचनाएं भ्रामक होती हैं और लोगों में भय फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जाती हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि किसी भी संदिग्ध सूचना को बिना सत्यापन के साझा न करें और किसी भी स्थिति में कानून हाथ में न लें।
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