बीजापुर , अप्रैल 23 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र जैगुर (थाना जांगला, विकासखण्ड भैरमगढ़) में पुलिस-जन सहभागिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलित थाना एवं जनजागरूकता शिविर का गुरुवार को सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के निर्देशन तथा डीएसपी विनीत साहू के निर्देश में आयोजित इस शिविर में पुलिस विभाग, यातायात विभाग एवं जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं, सुरक्षा उपायों एवं कानून संबंधी जानकारी प्रदान कर उन्हें जागरूक एवं सशक्त बनाना रहा।

शिविर के दौरान 'मावा पुलिस केतुल' पहल के अंतर्गत रोड सेफ्टी सेल के आरक्षक अवध राम सिन्हा ने ग्रामीणों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, नशे में वाहन न चलाने तथा नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से समझाया।

थाना प्रभारी जांगला द्वारा साइबर जागरूकता, पुलिस की कार्यप्रणाली एवं कानून व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। ग्रामीणों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील भी की गई।

वहीं, जिला महिला संरक्षण अधिकारी शिला भारद्वाज ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए सखी वन स्टॉप सेंटर, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान तथा बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया।

इस अवसर पर थाना एवं यातायात कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आयोजित इस शिविर से पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत हुई है। साथ ही शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी प्रयास भी किया गया। कार्यक्रम को "पुलिस-जन सहयोग" की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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