बीजापुर , अप्रैल 23 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम ब्लॉक अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र पामगल के आश्रित ग्राम मेन्ट्टुपल्ली में गुरुवार को मीजल्स-रूबेला (खसरा-रूबेला) को लेकर व्यापक सर्वे अभियान चलाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम एवं फील्ड कर्मचारियों ने गांव में घर-घर पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और संभावित लक्षणों की गहन जांच की। सर्वे के दौरान तीन बच्चों में मीजल्स-रूबेला के संदिग्ध लक्षण पाए गए, जिनके सैंपल लेकर आगे की जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) बी.आर. पुजारी ने बताया कि इस सर्वे का उद्देश्य समय रहते बीमारी की पहचान कर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि टीम द्वारा ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बच्चों के नियमित टीकाकरण एवं स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए समय पर जांच, टीकाकरण और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है तथा सामूहिक प्रयासों से ही इस तरह की बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
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