बीजापुर , अप्रैल 10 -- सर्व आदिवासी समाज ने बस्तर के विस्थापित आदिवासियों की घर वापसी, स्थानीय भर्ती की बहाली और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण जैसी प्रमुख मांगों को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार पंचराम सलामे को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
संगठन के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि दक्षिण बस्तर के हजारों आदिवासी परिवार पूर्व में हुए आंतरिक संघर्षों के कारण आंध्र प्रदेश और तेलंगाना विस्थापित हो गए थे। उन्होंने मांग की कि इन परिवारों का विधिवत सर्वे कर उनकी सुरक्षित घर वापसी, पुनर्वास और भूमि आवंटन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्हें वन अधिकार पत्र भी प्रदान किए जाएं।
ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग के जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) मद से कार्यरत संविदा कर्मियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने कहा कि बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टर, नर्स और तकनीशियन वर्षों से कम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। 'समान कार्य-समान वेतन' के सिद्धांत का हवाला देते हुए मांग की गई कि संविदा व्यवस्था समाप्त कर इन कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए।
इसके अतिरिक्त, सर्व आदिवासी समाज ने बस्तर और सरगुजा संभाग में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के पदों पर स्थानीय निवासियों की शत-प्रतिशत भर्ती व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की। संगठन का तर्क है कि अनुसूचित क्षेत्रों की विशिष्ट परिस्थितियों और स्थानीय भाषा के ज्ञान को देखते हुए स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
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