भुवनेश्वर , जून 03 -- ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को स्कूल और जनशिक्षा विभाग की हाल ही में की गई पदोन्नति और तबादला प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और शिक्षकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया तथा इस मामले की व्यापक जांच की मांग की।
बीजद प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने दावा किया कि जूनियर सेकेंडरी एजुकेशन सर्विस (जेआर एसईएस) के शिक्षकों की सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन सर्विस (एसआर एसईएस) में पदोन्नति योग्यता और सरकार के 25 दिसंबर 2025 को प्रकाशित पदक्रम सूची का उल्लंघन कर की गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वरिष्ठ और योग्य शिक्षकों की अनदेखी की गयी, जबकि कुछ कनिष्ठ शिक्षकों ने भ्रष्ट आचरण और पैसों के प्रभाव से पदोन्नति हासिल कर ली।
श्री मोहंती ने वरिष्ठता, पारिवारिक जिम्मेदारियों और लिंग संबंधी चिंताओं पर पर्याप्त विचार किये बिना महिला शिक्षकों के दूर-दराज के स्थानों पर स्थानांतरण और तैनातियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े कई पुरुष शिक्षकों को पास के और अनुकूल स्थानों पर तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम सरकार की स्थानांतरण नीति और निष्पक्षता एवं समानता के सिद्धांतों के विपरीत हैं।
बीजद नेता ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया ने राज्य भर के शिक्षकों में व्यापक असंतोष पैदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े विवादों के बाद भाजपा सरकार ने अब मनमानी पदोन्नति और स्थानांतरण व्यवस्था के माध्यम से शिक्षकों को भेदभाव और अन्याय का शिकार बनाया है।
बीजद ने मौजूदा पदोन्नति सूची को तुरंत रद्द करने और प्रकाशित पदक्रम सूची तथा वरिष्ठता के मानदंडों के अनुसार पारदर्शी, योग्यता-आधारित पदोन्नति प्रक्रिया को लागू करने की मांग की।
पार्टी ने प्रभावित शिक्षकों की बात धैर्यपूर्वक सुनने, भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों की व्यापक जांच करने तथा स्वतंत्र जांच होने तक स्कूल और जनशिक्षा निदेशक को निलंबित करने की भी मांग की।
शिक्षक समुदाय के लिए अपने समर्थन को दोहराते हुए बीजद ने कहा कि वह तब तक इस मुद्दे को उठाना जारी रखेगी, जब तक कि ओडिशा की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही बहाल नहीं हो जाती।
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