बीकानेर , फरवरी 25 -- राजस्थान में बीकानेर के केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान में 26 से 28 फरवरी तक 'शुष्क बागवानी' पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
संस्थान के निदेशक डॉ जगदीश राणे ने बुधवार को यहां बताया कि 'जैव विविधता और जलवायु अनुकूलनशीलता द्वारा टिकाऊ भविष्य का निर्माण' विषयपर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तत्वाधान में यह सम्मेलन आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसलों के सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की प्रभावी रणनीतियों पर विमर्श करना है। डॉ राणे ने बताया कि सम्मेलन में देशभर के कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ, आईसीएआर संस्थानों के प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान एवं विद्यार्थी शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन आईसीएआर, नई दिल्ली के उप-महानिदेशक (बागवानी) डॉ. एस.के. सिंह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. वी.बी. पटेल, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.बी. दुबे, राजुवास कुलपति डॉ. सुमंत व्यास और महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनोज दीक्षित सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं आयोजन सचिव डॉ. एम.के. जाटव कार्यक्रम के समन्वय में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
डॉ राणे ने बताया कि सम्मेलन के दौरान शुष्क बागवानी से संबंधित विभिन्न शोध आयामों, नवाचारों एवं तकनीकी उपलब्धियों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों की ओर से पोस्टर प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी और उत्कृष्ट शोध कार्यों को सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 'वैज्ञानिक-किसान संवाद' सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रगतिशील किसानों के साथ तकनीकी चर्चा करते हुए शुष्क क्षेत्र की फसलों की उन्नत खेती, जल प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु अनुकूल तकनीकों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
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