मुंबई , सितंबर 07 -- बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के 16 पार्षदों के चुनाव को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के उम्मीदवारों ने अदालत में चुनौती दी है।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इन पार्षदों ने चुनावी हलफनामों में जाति प्रमाणपत्र, संपत्ति और आपराधिक मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं दीं। इससे पहले वार्ड 111 के दीपक सावंत और वार्ड 191 की पूर्व मुंबई महापौर विशाखा राउत का पार्षद पद रद्द किया जा चुका है।विशाखा राउत का जाति प्रमाणपत्र अवैध पाये जाने के बाद उनका पद रद्द किया गया। शहरी विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है और सोमवार को बीएमसी की आमसभा की बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।

सु्श्री राउत के अयोग्य होने के बाद यूबीटी के पार्षदों की संख्या 65 से घटकर 64 होने की संभावना है। सोलह अन्य पार्षदों के खिलाफ चल रही कानूनी चुनौती से पार्टी की बीएमसी में स्थिति और कमजोर हो सकती है तथा विभिन्न समितियों में उसके प्रतिनिधित्व पर भी असर पड़ सकता है।

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