नयी दिल्ली , मई 02 -- बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने एलीट नेशनल कोचिंग कैंप के लिए मूल्यांकन ढांचे को औपचारिक रूप दे दिया है। यह एक अहम प्रक्रिया है जो राष्ट्रीय रैंकिंग और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन तय करेगी।

मूल्यांकन के नतीजे भारत के बड़े वैश्विक आयोजनों-जिनमें कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2, और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शामिल हैं-में प्रतिनिधित्व को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाएंगे। ये रैंकिंग अगले मूल्यांकन चक्र तक मान्य रहेंगी।

अपनी व्यवस्थित चयन प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर, बीएफआई ने अप्रैल के आखिरी हफ़्ते में मूल्यांकन शेड्यूल जारी किया था। इसके बाद 1 मई को एक सुधार पत्र जारी किया गया, ताकि कुछ समय-सीमाओं को बेहतर बनाया जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि कैंप की मंज़ूरी में हुई देरी के कारण एथलीटों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

संशोधित शेड्यूल के तहत, मूल्यांकन दो चरणों में किया जाएगा। स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग टेस्ट 6 और 7 मई को होंगे, जिसके बाद 11 से 15 मई तक स्पैरिंग मुकाबले होंगे। ये मुकाबले नॉकआउट फ़ॉर्मेट में आयोजित किए जाएंगे, ताकि अलग-अलग वज़न श्रेणियों में अंतिम रैंकिंग तय की जा सके।

इस मूल्यांकन में कुल 200 अंक होते हैं, जिसमें तकनीकी और गैर-तकनीकी, दोनों तरह के मापदंड शामिल होते हैं। गैर-तकनीकी घटक-जिनमें उपस्थिति, वजन प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय क्षमता, और स्ट्रेंथ व कंडीशनिंग शामिल हैं-मूल्यांकनकर्ताओं के एक पैनल द्वारा किए गए तकनीकी मूल्यांकनों के साथ-साथ कुल स्कोर में योगदान देंगे।

इस ढांचे में हाल के प्रदर्शनों को भी ध्यान में रखा गया है, जिसमें सीओएएस कप 2026 के नतीजे भी शामिल हैं। यह एक योग्यता-आधारित प्रणाली सुनिश्चित करता है जो निरंतरता और प्रतिस्पर्धी उत्कृष्टता को पुरस्कृत करती है। प्रत्येक वजन श्रेणी में रैंकिंग एक व्यवस्थित नॉकआउट फ़ॉर्मेट के माध्यम से तय की जाएगी, जो सभी प्रतिभागियों के लिए एक निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करेगा।

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