वाराणसी , अक्टूबर 06 -- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में राष्ट्रीय युवा संसद के पांचवें संस्करण का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से 500 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। तीन दिवसीय आयोजन में विद्यार्थियों ने समसामयिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर वाद-विवाद और विचार-विमर्श किया।

रिटोरिका : द डिबेटिंग सोसाइटी ने सिटी डेलीगेसिज के सहयोग तथा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज और इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बीएचयू के अकादमिक सहयोग से इसका आयोजन किया। कार्यक्रम छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह के मार्गदर्शन और कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के संरक्षण में हुआ।

असम, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों ने नौ समितियों में भाग लेकर संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, जातिगत जनगणना, रवांडा संकट और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे विषयों पर चर्चा की। प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संवाद और नेतृत्व क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उन्हें सिविल सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करती हैं।

मुख्य वक्ता अजय पुरुषोत्तम शेट्टी ने युवाओं से नीति निर्माण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि आईपीएस चिराग जैन ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

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