वाराणसी , मार्च 7 -- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कृषि विज्ञान संस्थान में शनिवार को दो दिवसीय "विकसित कृषि-समर्थ भारत" किसान मेला, कृषि-उद्योग प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने की। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को देश में हो रही नवीनतम शोध, तकनीकों तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए दर्जनों योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। खेती की लागत कम करने तथा किसानों की आय बढ़ाने के क्षेत्र में लगातार प्रयास हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अब खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है। उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से देश में सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाला राज्य बना हुआ है। प्रदेश दूध, गन्ना, गेहूँ तथा धान के उत्पादन में भी पहले स्थान पर है, जबकि मसूर दाल के उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
मंत्री ने आगे बताया कि किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं का डिजिटलीकरण कर दिया गया है तथा इन योजनाओं का संचालन अब पूर्णतः डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग कृषि क्षेत्र में धीरे-धीरे बढ़ रहा है। रिमोट सेंसिंग के माध्यम से फसलों का सर्वेक्षण भी किया जा रहा है। इस प्रकार प्रदेश और देश का कृषि क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में किसानों, वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी। पूर्वांचल एवं सीमावर्ती राज्यों जैसे बिहार तथा मध्य प्रदेश से लगभग 200 किसानों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। साथ ही पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से कुल 800 किसान इस मेले में शामिल हो रहे हैं। मेले में सरकारी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों, सहकारिता संस्थाओं, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों तथा विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं।
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