वाराणसी , सितंबर 23 -- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में चीफ प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध बुधवार को भी जारी रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। छात्रों के कार्यालय की ओर बढ़ने की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें रोकने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को तत्काल पद से हटाने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष है। विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ जांच कमेटियां गठित कर उन्हें कार्यालय बुलाकर पूछताछ के नाम पर परेशान किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
एबीवीपी के पल्लव ने आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर के निर्देश पर कई मामलों में छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण धरना देने वाले छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड को बर्खास्त करने, छात्रों पर दर्ज मुकदमे व दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने, उत्पीड़न रोकने, 12 सितंबर की प्रेक्षागृह आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक, सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट लगाने समेत नौ मांगें रखीं।
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