वाराणसी , फरवरी 10 -- ऊर्जा सामग्रियों और उपकरणों पर तृतीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'आईसीईएमडी 2026' का उद्घाटन मंगलवार को महिला महाविद्यालय में हुआ।

महाविद्यालय के भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित यह तीन-दिवसीय सम्मेलन ऊर्जा भंडारण और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण सामग्रियों और उपकरणों पर सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक चर्चाओं को समाहित करेगा। सम्मेलन का उद्देश्य देश में समकालीन तकनीकी प्रगति में सार्थक योगदान देना है।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. रवि कुमार वर्मा, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (एस ए सी ), अहमदाबाद ने सम्मेलन के आयोजन के लिए महिला महाविद्यालय को बधाई दी और कहा कि यह उभरती हुई शोधकर्ता पीढ़ी के लिए एक मूल्यवान मंच सिद्ध होगा। शैक्षणिक विमर्शों की उपयोगिता और व्यवहार्यता पर बल देते हुए उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा संचयन में अनुसंधान एवं नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचारी समाधान, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती होने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जतायी कि तीन दिवसीय ऊर्जा सम्मेलन उद्योग को लाभान्वित करेगा और प्रमुख क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुगम बनाएगा।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने सम्मेलन के शीर्षक की सराहना की और वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा भंडारण, उपकरण, दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की खोज के पीछे एक प्रमुख प्रेरक शक्ति हैं, जो अनेक आधुनिक प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक हैं।यह आयोजन केवल शैक्षणिक आयोजन या औद्योगिक आयोजन मात्र नहीं हैं, उन्होंने जोर दिया कि ऐसे सम्मेलन वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य, जिसमें भारत भी शामिल है, में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उन्होंने उल्लेख किया कि इस क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भरता देश की प्रगति और विकास के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव सिद्ध होगी।

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