वाराणसी , मार्च 18 -- बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के दो सदस्यों प्रो. राजेश शाह और डॉ. रमाशंकर को संगीत एवं कला के क्षेत्र में योदगान के लिए प्रतिष्ठित 'उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार' के लिए चुना गया है।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने प्रो. शाह और डॉ. रमाशंकर को इस सम्मान के लिए चयनित होने पर बधाई दी है। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि ये उपलब्धियां न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता का प्रमाण हैं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में संस्थान के दीर्घकालिक योगदान को भी सुदृढ़ करती हैं। ये सम्मान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के प्रति विश्वविद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
वाद्य विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रख्यात सितार वादक प्रो. शाह को वर्ष 2024 के उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। वे आकाशवाणी और दूरदर्शन के 'ए' ग्रेड कलाकार हैं तथा अनेक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों के माध्यम से देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
गायन विभाग के सह-आचार्य डॉ. रमाशंकर को वर्ष 2023 के उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एक प्रतिष्ठित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक के रूप में वे अपने समृद्ध गायन और शिक्षण के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। वे भी आकाशवाणी और दूरदर्शन के 'ए' ग्रेड कलाकार हैं तथा भारत तथा विदेशों में व्यापक रूप से अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं।
संगीत एवं मंच कला संकाय की प्रमुख प्रो. संगीता पंडित ने भी दोनों सम्मानित कलाकारों को उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है।
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