वाराणसी , जून 25 -- नगर निगम काशी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ अब इसे डिजिटल रूप से भी सशक्त बनाने में जुटा है। इसी क्रम में शहर में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सर सुंदरलाल चिकित्सालय (बीएचयू) और बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में नि:शुल्क वाई-फाई सेवा का विधिवत शुभारंभ किया।
नगर निगम ने इस महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल की शुरुआत सबसे पहले अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट से की थी। इसके बाद दूसरे चरण में पूर्वांचल के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को भी हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा से जोड़ दिया गया। अब शहर के कुल चार प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को मुफ्त हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध हो गई है। महापौर ने कहा कि यह परियोजना वाराणसी को आधुनिक और स्मार्ट सिटी बनाने के संकल्प का अहम हिस्सा है, क्योंकि वर्तमान समय में इंटरनेट एक बुनियादी आवश्यकता बन चुका है।
महापौर ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अनुभव किया था कि इस चिकित्सा संस्थान में वाई-फाई सुविधा की अत्यधिक आवश्यकता है। आम नागरिकों और युवाओं की सहूलियत के लिए निगम ने सभी वाई-फाई जोन में विशेष बोर्ड लगाए हैं। इन बोर्डों पर एक क्यूआर कोड दिया गया है। अस्पताल आने वाले तीमारदार, मरीज, विश्वविद्यालय के छात्र और शोधार्थी अपने मोबाइल फोन से इस क्यूआर कोड को स्कैन कर बेहद आसानी से मुफ्त इंटरनेट सेवा का लाभ उठा सकते हैं। वाई-फाई व्यवस्था के संचालन की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को सौंपी गई है।
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि निगम की इस डिजिटल पहल से सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम होगा और मरीजों के परिजनों को भी काफी सुविधा मिलेगी। ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. सौरभ सिंह ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह डिजिटल क्रांति का है, जो हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रही है।
उन्होंने कहा कि निगम की ओर से उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त वाई-फाई सुविधा आम नागरिकों को सीधे डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ने में सहायक साबित होगी। बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि इस नेटवर्क की स्पीड और रेंज को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि अस्पताल या घाटों पर अत्यधिक भीड़ होने के दौरान भी कनेक्टिविटी में कोई बाधा न आए और डेटा का सुचारु आदान-प्रदान होता रहे।
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