हैदराबाद , अक्टूबर 16 -- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री केटी रामाराव ने शुक्रवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को चुनौती दी कि वे सिंगरेनी कोलियरीज में अनियमितताओं, विदेशी कोयला खरीदने के प्रस्ताव और कांग्रेस सरकार के खिलाफ लगे अन्य भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश से करवायें।

श्री राव ने तेलंगाना भवन में नरसमपेट निर्वाचन क्षेत्र की एक बैठक को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार कोयला उत्पादन, बिजली आपूर्ति और सिंचाई के क्षेत्र में जानबूझकर संकट पैदा कर रही है, ताकि महंगी खरीद और कमीशनखोरी को सही ठहराया जा सके। उन्होंने 10,000 करोड़ रुपये के सिंगरेनी घोटाले और एक सौर ऊर्जा घोटाले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा, "श्री रेवंत रेड्डी कहते हैं कि अगर हम उन्हें पत्र लिखें, तो वे जांच का आदेश देंगे। अगर उनमें हिम्मत है, तो वे हमारे आरोपों की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश से करवायें।"बीआरएस नेता ने श्री रेड्डी को "ईएमआई मुख्यमंत्री" बताते हुए आरोप लगाया कि ऑस्ट्रेलिया से कोयला आयात करने का प्रस्ताव केवल कमीशन खाने और कांग्रेस आलाकमान के प्रति राजनीतिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि घरेलू कोयला लगभग 3,800 रुपये प्रति टन की दर से उपलब्ध है, जबकि आयातित कोयले की कीमत 10,000 से 12,000 रुपये प्रति टन तक हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयले का उत्पादन घटा दिया गया है और सिंगरेनी को मिलने वाली लगभग 60,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि अभी भी नहीं दी गयी है, जबकि कोयले की कमी के लिए इसी कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह पहले संकट पैदा करती है और फिर ऊंचे दामों पर कोयला और बिजली खरीदने की जरूरत का हवाला देती है। उन्होंने राज्य में बिजली की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली बीआरएस सरकार के समय 24 घंटे बिजली मिलती थी लेकिन अब तेलंगाना में बिजली की कमी हो रही है।

उन्होंने कांग्रेस द्वारा पहले छत्तीसगढ़ के साथ 3.90 रुपये प्रति यूनिट की दर से किये गये बिजली खरीद समझौते की आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि अब मौजूदा सरकार 15 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 30 लाख कृषि पंप सेट, सिंचाई परियोजनाएं और उद्योग बिजली पर निर्भर हैं, इसलिए बिजली की भरोसेमंद आपूर्ति बहुत जरूरी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह फिर से बिजली कटौती होने दे रही है।

श्री राव ने कांग्रेस सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि बीआरएस की ओर से समय रहते कदम उठाने की बार-बार अपील के बावजूद सरकार कालेश्वरम परियोजना के जरिए उपलब्ध पानी का इस्तेमाल करने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी ऊपर नहीं उठाया गया, जिससे वह बहकर आगे निकल गया। इससे पीने के पानी और सिंचाई की किल्लत और बढ़ गयी है और फसलें भी खतरे में पड़ गयी हैं।

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