हैदराबाद , सितंबर 14 -- तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं एमएलसी महेश कुमार गौड़ ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार के कथित अपमान को लेकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की कड़ी आलोचना की और पार्टी पर दलित-विरोधी मानसिकता दिखाने का आरोप लगाया।
श्री गौड़ ने गांधी भवन में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि "अनिवार्य परिस्थितियों" के कारण त्योहार के दिन राजनीति पर चर्चा करनी पड़ रही है। उन्होंने अध्यक्ष के खिलाफ कथित जाति-आधारित टिप्पणियों की निंदा की और कहा कि ये टिप्पणियां जानबूझकर की गई थीं।
श्री गौड़ ने आरोप लगाया कि बीआरएस ने अपने 10 साल के शासन के दौरान दलित समुदाय का अपमान किया और उसकी प्रमुख दलित बंधु योजना के कार्यान्वयन पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार ने 'दलित बंधु' योजना मुख्य रूप से हुज़ूराबाद उपचुनाव को ध्यान में रखकर शुरू की थी और मांग की कि लाभार्थियों की जानकारी सार्वजनिक की जाये।
पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के राजनीतिक रिकॉर्ड का ज़िक्र करते हुए श्री गौड़ ने कहा कि केसीआर ने तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान बार-बार "दलित कार्ड" का इस्तेमाल किया था। उन्होंने 2003 में श्री राव द्वारा किये गये वादों पर एक श्वेत पत्र की भी मांग की और बीआरएस शासन के दौरान दलितों के खिलाफ हुए अत्याचारों और हमलों की जानकारी मांगी।
श्री गौड़ ने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर की सिर्फ़ मूर्ति लगाना ही काफी नहीं है और उनके आदर्शों एवं शिक्षाओं का पालन करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने दलितों के दौरे के बाद किसी जगह को "शुद्ध" करने की कथित घटना की निंदा की और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दलितों को सबसे ऊंचे संवैधानिक पदों पर नियुक्त करके उनका सम्मान किया है और ज़ोर देकर कहा कि शासन को सिर्फ़ "नकली विधानसभा" चलाने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने बीआरएस को चुनौती दी कि वह पूर्व मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव को विपक्ष का नेता बनाये।
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