रांची , मई 29 -- झारखंड के बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बी आई टी), मेसरा, रांची के प्रबंधन अध्ययन विभाग में आयोजित पाँच दिवसीय शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम "रिसर्च मेथडोलॉजी एंड एडवांस्ड टेक्नीक्स इन मल्टीवेरिएट डेटा एनालिसिस" का सफल समापन आज आयोजित वैलेडिक्टरी सत्र के साथ हुआ।

यह कार्यक्रम 25 मई से 29 मई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों की शोध पद्धति, शोध अभिकल्पना तथा अकादमिक एवं अंतःविषयक अनुसंधान में उपयोग की जाने वाली उन्नत सांख्यिकीय एवं मल्टीवेरिएट डेटा विश्लेषण तकनीकों की समझ को सुदृढ़ करना था।यह कार्यशाला प्रबंधन, सामाजिक विज्ञान एवं अन्य अंतःविषयक शोध क्षेत्रों के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, स्नातकोत्तर एवं स्नातक विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी। प्रतिभागियों को शोध उपकरणों, विश्लेषणात्मक तकनीकों तथा डेटा व्याख्या विधियों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में पीएसएस एवं पीएलएस-एसईएम पर व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को सांख्यिकीय विश्लेषण, स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग तथा आधुनिक शोध में उपयोग की जाने वाली उन्नत डेटा विश्लेषण तकनीकों का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रख्यात शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए गए। बाहरी संसाधन व्यक्तियों में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. रघु नंदन सेनगुप्ता, उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद हंस, झारखंड राय विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरमीत कौर तथा नॉर्थ-वेस्ट यूनिवर्सिटी, जाम्बिया के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकित कटरोडिया शामिल थे। बीआईटी मेसरा के आंतरिक विशेषज्ञों में डॉ. सोमनाथ मुखर्जी, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, डॉ. शालिनी कुमारी एवं डॉ. टीना दत्ता शामिल थे, जिन्होंने शोध पद्धति, बिजनेस एनालिटिक्स, मल्टीवेरिएट डेटा विश्लेषण, मात्रात्मक तकनीकों, सांख्यिकीय उपकरणों एवं पीएलएस-एसईएम अनुप्रयोगों पर महत्वपूर्ण सत्र प्रस्तुत किए।

यह एसटीटीपी बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सलाहकार समिति में प्रबंधन अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार झा तथा क्वांटिटेटिव इकोनॉमिक्स एंड डेटा साइंसेज विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना भट्टाचार्जी शामिल थीं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक शेरॉन, डीन फैकल्टी अफेयर्स ; डॉ. संदीप सिंह सोलंकी, डीन पोस्टग्रेजुएट स्टडीज़; डॉ. राजू पोद्दार, डीन रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप तथा डॉ. आनंद प्रसाद सिन्हा, एसोसिएट डीन रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप के सहयोग एवं मार्गदर्शन में किया गया।

आयोजन समिति में डॉ. सत्राजीत चौधरी आयोजन सचिव, डॉ. सैयद अनीस हैदर समन्वयक, डॉ. सुजाता प्रियमवदा दास सह-समन्वयक, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह संयोजक, डॉ. प्रांजल कुमार सह-संयोजक, डॉ. सौमित्रो चक्रवर्ती एवं डॉ. उमेश प्रसाद आयोजन समिति सदस्य तथा श्री उद्भव टोप्पो छात्र सदस्य के रूप में शामिल थे। इनके साथ प्रबंधन अध्ययन विभाग के संकाय सदस्य, आयोजन समिति सदस्य एवं शोधार्थी भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।

वैलेडिक्टरी सत्र संकाय सदस्य, आयोजन समिति सदस्य एवं प्रतिभागियों ने भाग लिन इस अवसर पर आयोजकों ने आधुनिक अकादमिक एवं व्यावसायिक वातावरण में शोधोन्मुख अधिगम विश्लेषणात्मक सोच तथा अंतःविषयक सहयोग के बढ़ते महत्व पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के सफल समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी संसाधन व्यक्तियों, प्रतिभागियों, समिति सदस्यों एवं सहयोगी कर्मचारियों के प्रति सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित