, Sept. 6 -- बड़े खेल आयोजनों के दौरान दर्शकों के बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था होगी। स्टेडियम में 1000 से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला रिट्रैक्टेबल सीटिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यानी जरूरत के अनुसार सीटिंग को खोला या समेटा जा सकेगा। इससे प्रतियोगिता के अनुरूप स्पोर्ट्स फ्लोर का अधिकतम उपयोग भी संभव होगा और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।स्टेडियम परिसर में खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा भी विकसित की जाएगी। प्रशिक्षण शिविरों और राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों के ठहरने के लिए पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग 40-40 बेड की डॉरमेट्री की व्यवस्था होगी। इसके साथ खिलाड़ियों के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के दौरान उन्हें एक ही परिसर में बेहतर सुविधा मिल सके।

खिलाड़ियों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में अलग-अलग वॉर्म-अप एरिया, आधुनिक चेंजिंग रूम, लॉकर और वॉशरूम की सुविधा होगी। महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिता से पहले तैयारी के लिए बेहतर और पेशेवर वातावरण मिलेगा।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के सीधे प्रसारण के लिए स्टेडियम में विशेष ब्रॉडकास्टिंग रूम बनाया जाएगा। इससे बड़े आयोजनों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से कवर करने में सुविधा होगी। खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन और प्रसारण के लिए स्टेडियम को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

स्टेडियम की डिजाइन में सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। परिसर में कई इमरजेंसी एग्जिट, चौड़े कॉरिडोर और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था होगी। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए यूनिवर्सल एक्सेस रैंप बनाए जाएंगे। इससे स्टेडियम सभी खिलाड़ियों, दर्शकों और आगंतुकों के लिए सुगम और सुरक्षित बन सकेगा।

इंडोर स्टेडियम के निर्माण में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर और आधुनिक पीपीजी इंसुलेटेड पैनल का उपयोग किया जाएगा। साथ ही ऊर्जा की बचत के लिए ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप सस्टेनेबल एचवीएसी एयर-कंडीशनिंग सिस्टम की व्यवस्था होगी। इससे स्टेडियम को आधुनिक खेल सुविधा के साथ पर्यावरण अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में यह हाईटेक इंडोर स्टेडियम तैयार होने के बाद बिहार में इंडोर खेलों के लिए एक बड़ा और आधुनिक केंद्र विकसित होगा। खिलाड़ियों को अभ्यास, प्रशिक्षण, प्रतियोगिता और आवास की सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी। इससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से सामने आ रही प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने में भी मदद मिलेगी। खेल विभाग का लक्ष्य है कि आधुनिक आधारभूत संरचना और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के माध्यम से बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करें और राज्य के लिए पदक जीतने की दिशा में आगे बढ़े।

खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण का माहौल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का हाईटेक इंडोर स्टेडियम इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार की प्रतिभाएं यहीं से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।

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