, Sept. 19 -- जिला पदाधिकारी ने कहा कि जीवन में सकारात्मक सोच, संयम और धैर्य का होना अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए निरंतरता एवं ईमानदारी से मेहनत करना जरूरी है। किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए मजबूत आधार तैयार करने के साथ सभी विषयों की नियमित तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित छात्रा नंदनी के प्रश्न का उत्तर देते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही एनसीईआरटी की कक्षा 5वीं से 12वीं तक की पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। साथ ही अच्छे समाचार-पत्र पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। यदि विद्यार्थी अभी से नियमित तैयारी शुरू करते हैं, तो स्नातक स्तर तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए विषयों की बुनियादी समझ मजबूत होना तथा सभी विषयों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

जिला पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को टाइम मैनेजमेंट के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने प्रत्येक कार्य को निर्धारित समय एवं अनुशासन के साथ पूरा करने की सलाह दी, ताकि पढ़ाई एवं परीक्षा की तैयारी के दौरान अनावश्यक तनाव न हो। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास, अनुशासन और सही दिशा में मेहनत आवश्यक है।

कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साह एवं रुचि के साथ सहभागिता की। जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों को करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाते हुए निरंतर सीखने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में जिला पदाधिकारी द्वारा छात्र-छात्राओं को नोटबुक, पेन एवं सैंपल प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया गया, जिससे वे अपनी पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित