, April 15 -- बैठक में निर्देश दिया गया कि जिलों के सभी सरकारी कार्यालयों में विशेष स्व-गणना प्रोत्साहन बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में जनगणना का प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, सुपरवाइजर और प्रगणक शामिल होंगे। इनका उद्देश्य सरकारी कर्मियों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें अपने कार्यक्षेत्र और समुदाय में कम से कम दस लोगों को स्वगणना कराने में सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।

प्रधान सचिव ने जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि शिक्षित युवाओं और स्वयंसेवकों को इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि वे अपने परिवार और पड़ोस के लोगों को ऑनलाइन जानकारी भरने में मदद कर सकें।

बैठक में यह भी बताया गया कि जिन नागरिकों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर स्वगणना की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

बैठक के अंत में अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित अवधि के भीतर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी कर डिजिटल माध्यम से होने वाली इस जनगणना को सफल बनाने में सहयोग करें।अपनी गणना स्वयं करें, डिजिटल भारत का हिस्सा बनें, इसी संदेश के साथ स्व-गणना अभियान को व्यापक रूप से प्रचारित करने का निर्देश दिया गया।

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