, Sept. 21 -- महाप्रबंधक ने पूर्व मध्य रेल में चल रहे कुछ प्रमुख निर्माण परियोजनाओं की जानकारी साझा की जो निकट भविष्य में पूर्ण होने वाली है। उन्होंने मोकामा में गंगा नदी पर नवनिर्मित नए पुल पर चर्चा करते हुए कहा कि इस पुल के चालू हो जाने से उत्तरी बिहार और दक्षिणी बिहार को रेल मार्ग से जोड़ने में एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो जाएगा,जिससे रेल परिचालन में काफी सुविधा होगी । उन्होंने कहा कि इस पुल को चालू करने हेतु आज से एनआई कार्य प्रारंभ हो गया है जो 04 अक्टूबर तक चलेगा । इसके साथ ही भालगपुर के पास गंगा नदी पर बिक्रमशिला और कटरिया के मध्य एक और नया रेल पुल का निर्माण किया जाना है । इसकी स्वीकृति अगस्त, 2024 में रूपए 2171.34 करोड़ की लागत से की गयी है । इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य अगस्त, 2031 रखा गया है ।महाप्रबंधक ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं.-झाझा के मध्य लगभग 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाईन का निर्माण किया जाना है,जिसमें वर्तमान में डीडीयू से किउल तक तीसरी और चौथी रेल लाईन जबकि किउल से झाझा तक तीसरी रेल लाईन का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इस पूरी परियोजना को डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल तथा किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेलखंडों में बांटा गया है । इसके साथ ही स्टेशनों के विकास हेतु पूरे भारतीय रेल पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्व मध्य रेल के 97 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें चंदौली मझवार, दौरम मधेपुरा, बनमनखी, गोमो, कतरासगढ स्टेशनों का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है जबक़ि नवंबर तक सलौना, सुपौल, लखीसराय आदि स्टेशनों कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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