, Aug. 1 -- श्री यादव ने कहा कि पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि फील्ड विजिट, इंटर्नशिप, केस स्टडी, परियोजना कार्य, नीति विश्लेषण एवं सरकारी संस्थाओं के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वह वास्तविक परिस्थितियों में शहरी प्रशासन एवं नीति निर्माण की चुनौतियों का समाधान विकसित कर सकें।कुलपति श्री यादव ने कहा कि आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, दूरदर्शी और उत्तरदायी नेतृत्व का निर्माण करना है जो भारत के तीव्र शहरी परिवर्तन में प्रभावी भूमिका निभा सके। बिहार का पहला 'स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस' राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएँ प्रदान करेगा। यह संस्थान शहरी नीति, अनुसंधान, नवाचार तथा प्रशासनिक क्षमता निर्माण का अग्रणी केन्द्र बनेगा और नगर निकायों, सरकारी विभागों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तथा विकास संस्थाओं के लिए उच्च प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार करेगा।" उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, सतत विकास लक्ष्यों तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। विश्वविद्यालय भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे नवीन एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज, सरकार एवं उद्योग की बदलती आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

श्री यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय का यह नया स्कूल राज्य एवं केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, नगर विकास विभागों, नगर निकायों, स्मार्ट सिटी मिशनों, महानगर विकास प्राधिकरणों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, बहुपक्षीय विकास एजेंसियों तथा नीति संस्थानों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग स्थापित करेगा। इसके माध्यम से संयुक्त अनुसंधान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, परामर्श सेवाएँ तथा नीति निर्माण संबंधी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

कुलपति ने कहा कि इस पाठ्यक्रम से स्नातक होने वाले विद्यार्थियों के लिए नगर निगमों, नगर परिषदों, शहरी स्थानीय निकायों, राज्य एवं केंद्र सरकार के विभागों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, विकास प्राधिकरणों, सार्वजनिक उपक्रमों, अंतरराष्ट्रीय विकास संगठनों, शोध संस्थानों, नीति आयोगों, परामर्श कंपनियों, गैर-सरकारी संगठनों तथा शिक्षण संस्थानों में रोजगार एवं शोध के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का विश्वास है कि यह पहल भारत के सतत, समावेशी, सक्षम एवं उत्तरदायी शहरी विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी तथा आने वाले वर्षों में बिहार को शहरी नीति एवं सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी।

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