, July 17 -- एडीजी श्रीमती अनुपम ने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ इस वर्ष 01 से 14 जुलाई के बीच चलाए जा गए ऑपरेशन नया सवेरा-3.0 के तहत 52 एफआईआर दर्ज की गई और 109 मानव तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस दौरान 82 महिलाओं और 75 पुरुष को बचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन नया सवेरा के तहत सर्वाधिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी के मामले में टॉप-3 जिलों में पटना(40), सहरसा (13) और किशनगंज (9) शामिल हैं। वहीं, सर्वाधिक पीड़ितों को बचाने (रेस्क्यू) करने के मामले में टॉप-3 जिलों में किशनगंज (23), सीतामढ़ी (17) और पटना/अरवल/मुजफ्फरपुर रेल (संयुक्त रूप से) (14) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था को प्राभावित करने वाले मामलों में इस वर्ष मई-जून में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। इसमें साम्प्रदायिक हिंसा के 63, पुलिस पर हमला के 462, भीड़ पर हिंसा के 2 और हर्ष फायरिंग के 06 समेत कुल 533 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। एडीजी ने बताया कि 51 हजार 189 साक्षियों को साक्ष्य के लिए उपस्थित हुए, जिसमें 49 हजार 191 साक्षियों को कोर्ट में गवाही कराई गई, जिससे मुकदमों का तेजी से निपटारा कराने के साथ ही दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
एडीजी ने कहा कि मई-जून महीने में भारत-नेपाल सीमा पर आतंकी गतिविधि को लेकर भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। इसे लेकर सीमा पर अलर्ट भी जारी किया गया है। इस मामले को सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय भी देख रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए निरंतर कार्रवाई जारी है। केंद्र सरकार ने 2027 तक देश को मादक पदार्थ से मुक्त करने की घोषणा कर रखी है। इसके मद्देनजर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मई-जून में 17 किलो 883 ग्राम हेरोइन, 26 हजार 135 किलो गांजा समेत अन्य मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। इसे लेकर मेडिकल स्टोर समेत अन्य सप्लाई चेन की भी पूरी जांच की जा रही है।
एडीजी श्रीमती अनुपम ने कहा कि युवाओं को कानून की जानकारी देने के लिए ऑपरेशन विधि पालक युवक 21 जुलाई से शुरू किया जा रहा है, जो 10 अगस्त तक चलेगा। इसके अंतर्गत ट्रैफिकिंग, दहेज प्रताड़ना, पॉस्को, महिला अपराध, अनैतिक देह व्यापार अधिनियम, 1986 समेत ऐसे अन्य जरूरी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड) का गठन किया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित