, June 5 -- श्री कुमार ने बताया कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का उन्नयन और उनके विकास की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गरीबों के प्रति संवेदना और उनके अथक प्रयासों से संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि पूर्व सीएम ने बिहार को अव्वल पांच राज्यों में शामिल करने का संकल्प लिया था। यह तभी संभव होगा जब ग्रामीण विकास की योजनाएं धरातल पर पहुंचेंगी। योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने और उनके तकनीकी आधारित क्रियान्वयन के सपने को पूरा करने के लिए विभाग ने पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल के माध्यम से गांव में रहने वाले लोगों को योजनाओं का बेहतर से बेहतर लाभ मिलेगा। विभागीय प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास की दिशा में विभाग की चार आधार स्तंभ आवास, स्वच्छता, स्वरोजगार, ग्रामीण रोजगार जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी योजनाएं ग्रामीण परिवेश को उन्नति की राह पर ले जाती हैं। जब हमारी जवाबदेही होगी तो लोगों की अपेक्षाएं बढ़ेंगी। उन उपेक्षाओं पर खरा उतरने की दिशा में डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में पोर्टल बनाया गया। इससे विभागीय योजनाओं की सतत निगरानी होगी और लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए घर बैठे खुला मंच मिलेगा। भविष्य में पोर्टल में गुणात्मक सुधार के लिए इसे एआई आधारित किया जाएगा।
जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कहा कि योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन में निगरानी की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभाग की ओर से बनाए गए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का गांव में रहने वाले गरीब-गुरबों को बड़ा लाभ मिलेगा। विभागीय कामकाज समय से पारदर्शी तरीके से संपन्न होगा और लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा।
कार्यक्रम में जल-जीवन-हरियाली अभियान, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, आवास, विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), जीविका योजनाओं के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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