, Oct. 9 -- कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास का अवसर दिया जा रहा है।सम्मेलन के दौरान बचपन के प्रतिकूल अनुभवों, आपदा मनोचिकित्सा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, वृद्धावस्था में कला चिकित्सा, अंतरंगता एवं संबंध, धर्म और आध्यात्मिकता, मनोभ्रंश, सिजोफ्रेनिया, अवसाद तथा नई औषधीय उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इसके अलावा युवाओं में नशे की समस्या, जीवन के विभिन्न चरणों में एडीएचडी, प्रसवोत्तर मानसिक बीमारियां और सटीक मनोचिकित्सा जैसे विषय भी वैज्ञानिक सत्रों का हिस्सा होंगे।

मनोचिकित्सकीय पुनर्वास, स्वस्थ होने पर आधारित देखभाल, मानसिक बीमारियों की प्राथमिक रोकथाम, अवसाद एवं ओसीडी में आरटीएमएस, अवसाद के उपचार में सहायक औषधियों तथा ओरेक्सिन और मनोचिकित्सकीय विकारों के संबंध पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण यह बहस होगी कि क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता किसी मनोचिकित्सक से बेहतर साबित हो सकती है।

सम्मेलन में युवा मनोचिकित्सकों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत शोध-पत्र प्रस्तुतियां, केंद्रित समूह कार्यशालाएं, केस ब्लिट्ज और स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी 'द माइंडस्केप चैलेंज' आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से युवा चिकित्सकों को अपने शोध, अनुभव और चिकित्सकीय ज्ञान को साझा करने का अवसर मिलेगा।

आयोजन सचिव डॉक्टर निस्का सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम में युवाओं में नशे की लत, नशा मुक्ति उपचार में नई प्रगति, एडीएचडी, प्रसवोत्तर मानसिक बीमारियों की शुरुआत या पुनरावृत्ति तथा मनोविकृति एवं सिजोफ्रेनिया में सटीक उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी।

सम्मेलन के तहत 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सुबह सात से आठ बजे तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पदयात्रा आयोजित की जाएगी। आईआईएम बोधगया के सहयोग से होने वाली इस पहल में मनोचिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, सम्मेलन प्रतिनिधि, विद्यार्थी और अन्य प्रतिभागी शामिल होंगे। पदयात्रा के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े विषयों पर समाज में सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया जाएगा।

सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन समारोह 10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से एक बजे तक आईटीसी वेलकम, बोधगया में निर्धारित है। इसमें विशिष्ट अतिथि, विशेषज्ञ, संकाय सदस्य और सम्मेलन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित