, July 30 -- देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं और कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। आज तड़के मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद कांचा जल स्नान और पारंपरिक सरदारी पूजा विधि से भगवान शिव की पूजा की गई। पूजा के बाद अरघा से जल अर्पित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। कांवरियों की लंबी कतारें सुबह से ही मंदिर परिसर में देखी गईं। पूरा देवघर 'बोल बम' के जयघोष से गूंज रहा है। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा बैद्यनाथ का जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं और जलाभिषेक कर रहे हैं। आचार्य राकेश झा ने बताया शिव की उपासना का सबसे उत्तम मास सावन का आरंभ आज कई शुभ संयोग में हो रहा है I आजश्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग व सौभाग्य योग का संयोग रहेगा I ऐसे शुभ एवं उत्तम संयोग में उमा-महेश्वर की पूजा-आराधना, व्रत, जलार्पण करना बहुत की पुण्यप्रदायक होगा I सभी देवो में सबसे सरल पूजा भगवान शिव की है I केवल जल और बेलपत्र चढ़ाने से भी प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देते है Iज्योतिषी झा ने कहा सावन मास में चार सोमवार का अद्भुत संयोग बना है I जिसमें दो कृष्ण पक्ष व दो शुक्ल पक्ष में होंगे। सावन का पहला सोमवार 03 अगस्त इसके बाद दूसरी सोमवारी 10 अगस्त, तीसरी सोमवारी 17 अगस्त, चौथी एवं अंतिम सोमवारी 24 अगस्त को है।28 अगस्त को श्रावण मास का समापन होगा।

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