, May 13 -- प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सहयोग शिविर में बिहार का कोई भी नागरिक अपनी समस्या से सम्बंधित शिकायत दर्ज करा सकता है। सहयोग शिविर में लोग समस्याओं के समाधान से सम्बंधित अपने सुझाव भी सरकार को दे सकते हैं। जिन समस्याओं का समाधान तुरंत हो सकता है, उनका निपटारा भी शिविर स्थल पर ही किया जाएगा। वैसे मामले जिनके समाधान में समय लग सकता है, उसे भी एक तय समयसीमा के अंदर निपटाया जाएगा। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। सहयोग शिविर में सरकार और प्रशासन के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य रूप से होगी। जिसमें जिला पदाधिकारी (डीएम), अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ), भूमि सुधार अधिकारी के साथ पुलिस के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस शिविर में लोगों को सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ उसके लाभ और आवेदन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी।

प्रमंडलीय आयुक्त और जिला प्रशासन द्वारा इन शिविरों की मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे शिकायतों का सही समय पर समाधान हो सके। "सहयोग शिविर" बिहार सरकार की एक बहु-विभागीय पहल है, लेकिन इसका मुख्य संचालन और मॉनिटरिंग सामान्य प्रशासन विभाग तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के स्तर से की जा रही है।

राज्य सरकार के इस अभियान में कई विभागों को शामिल किया गया है।इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, गृह (पुलिस प्रशासन), ग्रामीण विकास, नगर विकास, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली, श्रम संसाधन के साथ कई अन्य विभागों को शामिल किया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने "सहयोग हेल्पलाइन 1100" और "सहयोग पोर्टल" का उद्घाटन भी पिछले दिनों किया है।

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