, July 30 -- इस नीति का विजन 'सशक्त सहकारिता -समृद्ध बिहार' तथा समावेशी एवं बहुआयामी सहकारी व्यवस्था के माध्यम से 'समृद्ध एवं विकसित बिहार' के लक्ष्य को प्राप्त करना है। वहीं, इसका मिशन परंपरागत सहकारी संरचना को सुदृढ़ करते हुए सहकारी समितियों को आधुनिक, उत्तरदायी एवं प्रतिस्पर्धी आर्थिक इकाइयों में रूपांतरित करना तथा नए एवं गैर-परंपरागत क्षेत्रों में सहकारिता का विस्तार करना है।

बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सहकारी समितियों को सशक्त, आत्मनिर्भर, आधुनिक, समावेशी एवं प्रतिस्पर्धी बनाकर राज्य के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास को गति दी जाएगी। नीति के अंतर्गत युवाओं, महिलाओं, पिछड़ों, अति पिछड़ों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगों तथा वंचित वर्गों की सक्रिय भागीदारी के लिए सहकारिता का विस्तार किया जाएगा।

बिहार सहकारिता नीति, 2026 सहकारी संस्थाओं को अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल नवाचार और पारदर्शी प्रशासन से सशक्त बनाएगी। यह नीति कृषि के अतिरिक्त डेयरी, मत्स्य, कृषि व्यवसाय, भंडारण, प्रसंस्करण, सेवा क्षेत्र, पर्यटन एवं उभरते गैर-परंपरागत क्षेत्रों में नई सहकारी समितियों को बढ़ावा देगी।

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