, July 30 -- बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के अंतर्गत अब वेजफेड की त्रिस्तरीय सहकारी श्रृंखला को सुदृढ़ एवं विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तरीय संग्रहण केंद्रों की स्थापना, प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचनाओं का निर्माण, संघों एवं समितियों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने तथा रेफ्रिजरेटेड (रेफर) वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना के माध्यम से राज्य में सब्जियों के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन व्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका और अधिक सशक्त होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस योजना से राज्य के किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा और उनमें खुशहाली आएगी।
इसके साथ ही रैयाम (दरभंगा) एवं सकरी (मधुबनी) में बंद पड़ी चीनी मिल की भूमि पर नई सहकारी चीनी मिल एवं अन्य इकाइयों की स्थापना तथा उनका परिचालन इंडियन पोटाश लिमिटेड (आई.पी.एल.) द्वारा कराया जाएगा। इसके लिए दोनों बंद चीनी मिलों की भूमि आई.पी.एल. को एक रुपये की टोकन राशि पर 30 वर्षों की लीज पर देने का प्रस्ताव है।
बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर राज्य के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 तथा चीनी मिलों के पुनरुद्धार एवं बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के विस्तारीकरण का निर्णय राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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