पटना , फरवरी 25 -- बिहार सरकार भगवान शिव से जुड़े प्रसिद्ध स्थलों की सूची बनाने के बाद प्रदेश में 'शिव सर्किट' बनाने की योजना मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजेगी।

बिहार विधानसभा में विधायक विनय कुमार के ध्यानाकर्षण का जवाब देते हुए पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि शिव के प्रसिद्ध स्थलों से सम्बंधित क्षेत्रों के विधायकों के साथ बैठक के बाद वह प्रदेश में 'शिव सर्किट' की रूपरेखा तैयार करेंगे और इस योजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को शिव से जुड़े प्रसिद्ध स्थलों की जानकारी पथ निर्माण मंत्री श्री जायसवाल को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ।

इससे पहले विधायक श्री कुमार ने कहा कि बिहार में सुल्तानगंज से देवघर की तर्ज पर भगवान भोले नाथ के विभिन स्थानों से जल लेकर दूसरे प्रसिद्ध स्थलों तक लाखो की संख्या में कांवरिया पैदल यात्रा करते हैं, जिन्हें कांवरिया पथ नही होंने के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बेगूसराय जिले के सिमरिया से मधुबनी में पंडोर स्थित उगना महादेव, कहलगांव से बाबा बासुकीनाथ और सोनपुर हरिहर नाथ से बाबा गरीब नाथ मुज्जफरपुर पुर जैसे कई अन्य स्थानों तक लाखो कांवरिया जल लेकर श्रद्धा से जाते हैं। उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि सुल्तान गंज से देवघर के रास्ते मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रेरणा से तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने बालू गिरवा कर कांवरियों की यात्रा को सुलभ बनाया था और भोले बाबा की कृपा से वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उन्होंने कहा कि मंत्री और अध्यक्ष कांवरियों की यात्रा को सुलभ बनाएंगे तो बाबा का आशीर्वाद उन्हें भी मिलेगा।

विधायक मिथिलेश तिवारी ने भी बाबा हरिहर नाथ, बैकुंठपुर के धनेश्वर नाथ, सिधवलिया के नागेश्वर नाथ, अरेराज के सोमेश्वर नाथ को मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ से जोड़ कर एक सर्किट बनाने की मांग की । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसे सर्किट का प्रस्ताव भेज कर मंजूरी ली जा सकती है।

इस बीच विधायक विनय बिहारी ने कहा कि श्री तिवारी के प्रस्तावित 'शिव सर्किट' से रामनगर के बाबा नर्मदेश्वर को भी जोड़ा जाए।

मंत्री श्री जायसवाल ने सदन में विधायको की तरफ से रखे गये प्रस्ताव को देखते हुए कहा कि वह प्रस्ताव लाने वाले विधायको के साथ बैठक करने के बाद प्रदेश में 'शिव सर्किट' की योजना बनाएँगे और उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजेंगे।

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