पटना , फरवरी 16 -- बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सोमवार को सदन में कहा कि सरकार प्रदेश में पत्रकार पेंशन योजना के सरलीकरण पर विचार करेगी।

अध्यक्ष श्री कुमार ने आज विधानसभा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक अजय कुमार के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे प्रदेश के सूचना और जनसम्पर्क मंत्री विजय कुमार चौधरी के उत्तर के बाद कहा कि सरकार राज्य में पत्रकार पेंशन योजना के सरलीकरण पर विचार करेगी।

इससे पहले मंत्री श्री चौधरी ने विधायक श्री कुमार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पीएफ और टीडीएस की शर्तें सर्विस के प्रमाण को स्थापित करने के लिए रखी गयी हैं और ऐसी शर्ते पत्रकारिता के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी लागू हैं। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में चल रही पत्रकार पेंशन योजना के मुकाबले बिहार की योजना बेहतर है।उन्होंने कहा कि इसमें पत्रकार की मृत्यु के बाद परिवार को भी पेंशन देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि कितने पत्रकारों को पेंशन दी जाएगी, ऐसी कोई सीमा निर्धारित नही है और जो लोग भी पात्र होंगे, उन्हें इसका लाभ मिलेगा।

श्री चौधरी ने कहा कि पत्रकार और जेपी सेनानी पेंशन को एक श्रेणी में नही रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जेपी सेनानी पेंशन एक खास कालखंड से जुड़ी है, जबकि पत्रकार पेंशन योजना अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है।

उल्लेखनीय है कि सदन में आज अल्पसूचित सवाल करते हुए विधायक अजय कुमार ने कहा कि पत्रकार पेंशन नियमावली, 2015 में संशोधन के बाद पत्रकार पेंशन योजना के तहत पेंशन की राशि 6000 से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है, लेकिन इसकी जटिल पात्रता के कारण बहुत कम संख्या में पत्रकारों को इसका लाभ मिल रहा है।

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