पटना , सितंबर 01 -- बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और हजारों वित्तरहित शिक्षकों की लगातार हो रही अनदेखी पर सवाल उठते हुए बिहार सरकार पर हमला बोला और कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण वित्तरहित शिक्षक वर्षों से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

श्री राम ने आज संवाददाताओं से कहा कि 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प के साथ बिहार के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वित्तरहित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समायोजन और बहाली की पहल की थी। कांग्रेस सरकार की उस सोच का उद्देश्य था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें।

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