, Sept. 22 -- श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास की चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वहां पर पहले से ही 190 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवा रखा है जिसकी वजह से मुख्यमंत्री आवास का बिजली बिल शून्य आता है। उन्होंने कहा कि नेट मीटरिंग की व्यवस्था के माध्यम से घर की जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली का लाभ भी उपभोक्ताओं को मिल सकता है। उन्होंने स्मार्ट मीटर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत और बिल की सही जानकारी उपभोक्ताओं को मिलती है।श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में उद्योगों के विस्तार के लिए सस्ती और पर्याप्त बिजली जरूरी है। सरकार सोलर, स्टोरेज, बैटरी और अन्य ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से बिजली क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र की पूरी संरचना की समीक्षा के लिए कमिटी बनाई गई है। कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बिहार ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि 14 करोड़ बिहारवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी विभागों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज है। अपराधी अपराधी होता है, उसकी कोई जाति नहीं होती। यदि अपराधी पुलिस को चैलेंज करेगा तो पुलिस उसका जवाब देगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में लगे सौर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन किया और अधिकारियों से जानकारी ली।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य के सभी प्रमंडलों में जन जागरूकता अभियान के लिए नौ सोलर स्थों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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