, Aug. 9 -- मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि युवा पीढ़ी को लेकर सरकार संवेदनशील है। मंत्री, सांसद, विधायक एवं वरीय पदाधिकारी स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों से प्राप्त सुझावों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति, सभ्यता और गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने का काम युवा पीढ़ी ही करेगी। छात्र कल्याण के लिए अलग व्यवस्था विकसित की जाएगी। छात्रों से जुड़े सभी विभाग मिलकर एक डायरेक्ट्रेट बनाएंगे, जहां छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अब तक 551 मॉडल स्कूल बनाए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य 1001 मॉडल स्कूल बनाने का है। शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में गुंडा एक्ट और सी०सी०ए० के तहत कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत दोषियों को एक वर्ष तक जेल में रखने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि 15 अगस्त से ऐसी व्यवस्था शुरू की जा रही है, जिसके तहत बच्चे रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। शिक्षा की स्थिति और गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य स्तर पर एक कमिटी गठित की जाएगी। यह कमिटी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव और कार्ययोजना पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को कंप्यूटर और अंग्रेजी की शिक्षा देने के साथ-साथ संस्कृत, उर्दू और बिहार की पांच भाषाओं के विकास पर भी काम किया जाएगा। तकनीक के इस दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का लाभउठाकर शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना होगा।

श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक एवं एआई के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता केबेहतर आकलन के लिए सुझाव देगी। किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'वंदे मातरम' पुस्तक तथा 'वंदे मातरम' बुकलेट का लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, पुष्प गुच्छ एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

चिंतन शिविर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ.त्यागराजन एस. एम, जिलाधिकारीकुंदन कुमार सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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