, April 22 -- विष्णुपद मंदिर और सीता कुंड के मध्य फल्गु नदी में भगवान विष्णु की 108 फीट ऊँची मिस्रधातू की प्रतिमा स्थापित की जायेगी। प्रतिमा तक पहुंचने के लिये पेडेस्ट्रियन पथ का निर्माण कराया जायेगा, जहां श्रद्धालु आसानी से जा सकेंगे। यहां 24 शेड का निर्माण कराने की योजना है। एक शेड में 20 लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। मुख्यमंत्री के समक्ष वॉक थ्रू के जरिये विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर परियोजना के तहत पूर्ण कराये जाने वाले कार्य के बाद विकसित क्षेत्र एवं निर्मित स्ट्रक्चर के मॉडल को प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विष्णुपद मंदिर परिसर, फल्गु नदी के तटीय क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों को इस प्रकार से विकसित करें कि मुख्य मंदिर तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पिंडदान करने वाले लोग तथा श्रद्धालु भी काफी संख्या में यहां पहुंचते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुये विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर परियोजना का कार्य सुनिश्चित करायें। विष्णुपद मंदिर और सीता कुंड के मध्य निर्मित होने वाले पेडेस्ट्रियन पथ की चौड़ाई कम से कम 20 फीट हो, जिससे लोगों को आवागमन में कोई कठिनाई न हो। पर्याप्त वाहनों के पार्किंग की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसका विशेष रूप से ख्याल रखें। यहां आने वाले श्रद्धालु एवं पिंडदानियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये कार्य सुनिश्चित करायें।
इस अवसर पर दोनों उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, डॉ. चन्द्रशेखर सिंह,मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर सहित पर्यटन विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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