, Aug. 2 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि पलवैया धाम में बाबा गणिनाथ जी महाराज के मंदिर के समग्र विकास के लिए आवश्यकतानुसार भूमि अधिग्रहित की जायेगी तथा हरसंभव सरकारी सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगले पाँच वर्षों में मरीन ड्राइव के माध्यम से पलवैया धाम तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जाएगा। सोनपुर से राघोपुर पुल तक पाँच पुलों को जोड़ते हुए गंगा अंबिका पथ के माध्यम से मोकामा तक संपर्क विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानू-हलवाई समाज सदैव संगठित रहकर बिहार के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे, सरकार समाज के साथ मजबूती से खड़ी है। अखिल भारतीय कानू हलवाई विचार मंच की सभी मांगों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब एवं कमजोर परिवारों की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों की पहचान कर उनकी जमीन वापस दिलाई जाएगी। अतिपिछड़ा समाज को किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पूर्व वैश्य समाज सहित बड़ी संख्या में लोग बिहार से पलायन करने को विवश थे, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के नेतृत्व में राज्य में व्यापक परिवर्तन हुआ है तथा अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रत्येक माह की 10 तारीख को एक करोड 12 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि सीधे हस्तांतरित की जाती है।

समारोह को पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजक मंडल ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, गदा, स्मृति चिन्ह एवं फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया।

इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचन्द्र प्रसाद, सांसद संजय जायसवाल, विधायक प्रमोद कुमार, विधायक अरूण कुमार, विधायक श्रीमती छोटी कुमारी सहित कानू-हलवाई समाज के प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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