, Oct. 8 -- मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत एमएसएमई के माध्यम से 45,000 उद्यमी तैयार किये जा रहे हैं। इसमें 14 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, 10 हजार अतिपिछड़ा, 9 हजार 500 महिला, 9 हजार युवा एवं 2500 अल्पसंख्यक उद्यमी हैं। इसके लिये 3 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि राज्य सरकार खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में 7,000 लाभुकों को किस्त की राशि अंतरित की गई। साथ ही प्रत्येक जिले में एमएसएमई केंद्र खोले गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए राज्य में ही उद्योग और रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि बिहार के युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनें।श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना के विकास पर भी तेजी से काम हो रहा है। ग्रामीण सड़कों के साथ-साथ हाई-वे और एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क विस्तारित किया जा रहा है। पटना मेट्रो की परिकल्पना भी साकार हो रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में 700 स्थानों पर सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) खोले गए हैं। यहां विद्यार्थियों को नीट और जी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलेगी। 'विद्यार्थी साथी' ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को 24x7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी देर रात तक भी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, जो शिक्षा के प्रति उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में 211 डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं। अगले वर्ष से इन कॉलेजों में विज्ञान संकाय की पढ़ाई शुरू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में निर्मित उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड में पांच लाख करोड़ रूपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले पाँच वर्षों में उद्योगों के लिए 20,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अगले दो वर्षों में राज्य के 20 महत्वपूर्ण स्थानों पर रोप-वे निर्माण की दिशा में कार्य किया जाएगा। मरीन ड्राइव से सोनपुर के बीच रोप-वे निर्माण में एक निजी कंपनी ने रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगामी एक वर्ष में सभी कृषि फीडरों को 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य है।
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