, Aug. 27 -- मुख्यमंत्री ने 'सहयोग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं का 30 दिनों के अंदर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। गांव, क्षेत्र अथवा जीविका से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सहयोग पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है और उसका निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 1,000 महिलाओं को पीएचडी की पढ़ाई के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बिहार में एक समय में करीब 4,600 लोग पीएचडी कर रहे हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या लगभग 600 है। महिलाओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये स्कूल, कॉलेज, कार्यालय एवं जीविका समूहों के आसपास 'पुलिस दीदी' की तैनाती सुनिश्चित की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को मोटर बाइक भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित समाधान में सहायता मिल सके। बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में एक करोड लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को उद्योगपति एवं लखपति बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में वर्ष 2020 में 10 लाख लोगों को नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके तहत 50 लाख से अधिक लोगों को नौकरी एवं रोजगार से जोड़ा गया है। बिहार में डिग्री कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बड़ी संख्या में संस्थानों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी व्यवस्था की जा रही है तथा ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

श्री चौधरी ने कहा कि जीविका को मजबूत बनाने में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज बिहार में 50 लाख जीविका दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। पशु सखी अभियान के तहत करीब 25 लाख महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन एवं गाय पालन से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जीविका दीदियां विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। वर्ष 2030 तक बिहार सरकार महिलाओं पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव- सह-मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। जीविका दीदी श्रीमती संध्या कुमारी ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर उनकी सलामती की दुआ की। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदी को उपहार प्रदान किया।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव- सह-मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़े लोग उपस्थित थे।

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