, Sept. 4 -- जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने बताया कि सोन नदी के जलस्तर में आने वाले दिनों में कमी आने की संभावना है। गंगा नदी के जलस्तर में भी आगामी दिनों में कमी का रुझान रहने का अनुमान है। प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में कमी का रुझान शुरू हो चुका है, जिसका प्रभाव आगे बिहार में भी देखने को मिलेगा। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बतया कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित क्षेत्रों में पूरी सजगता एवं तत्परता के साथ चलाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई केन्द्र के माध्यम से लोगों को भोजन कराया जा रहा है। एसओपी के अनुसार कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा रहा है। सभी जिलाधिकारी पूरी तरह अलर्ट हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 27 एसडीआरएफऔर 09 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गयी हैं। आवश्यकता के अनुसार एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीमों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा बाढ़ प्रभावित लोगों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करें एवं उन्हें तत्काल आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन की ऐसी व्यवस्था और सकारात्मक सहयोग रहे कि लोगों में किसी प्रकार का भय और अफरा-तफरी का माहौल न बने। प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों के बीच रहकर राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देनी है। प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ बेहतर समन्वय बनाकर आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करे।
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