, Sept. 7 -- मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के साथ भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। लोगों ने शिविर में की गई व्यवस्थाओं के लिये मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुये कहा कि यहां खाने-पीने से लेकर रहने सहने तक की बहुत अच्छी व्यवस्था की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कराया जाएगा और प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, गंगा में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी सरकार काम कर रही है।
हाजीपुर एवं सोनपुर में राहत शिविरों के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना है।
श्री चौधरी ने कहा कि पदाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आपदा से लोगों को निजात दिलाने के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। वर्तमान में आपदा की स्थिति है और ऐसी घड़ी में सरकार पूरी तरह लोगों के साथ खड़ी है। बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा हर स्तर पर स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक हाउस होल्ड की जांच कर नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी। गंगा नदी के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से भी बातचीत की गई है, जिससे प्रत्येक वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या से लोगों को स्थायी रूप से निजात दिलाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विधायक जनक सिंह,संजय सिंह, सिद्धार्थ पटेल, जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, वैशाली जिला की जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह, सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार, वैशाली के पुलिस अधीक्षक सुभांक मिश्रा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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