, Oct. 30 -- श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में जीविका दीदियों ने एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बाजार तैयार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 50 लाख महिलाओं को पशु सखी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 32 लाख पशु सखियां बनाई जा चुकी हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में दूध उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में दूध का उत्पादन 25 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 32 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। उन्होंने जैविक खेती और ऑर्गेनिक फूड को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने के लिए जैविक खेती की ओर आगे बढ़ना होगा। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिलेंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौजवानों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं की चिंता करते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का भी उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके जीवन में खुशहाली आए। किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार, बिजली, सिंचाई और कृषि आधारित उद्योगों की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त की राशि हस्तांतरित किए जाने पर देश के सभी किसान भाइयों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार प्रत्येक माह की 10 तारीख को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि लाभुकों के खाते में भेजती है, उसी प्रकार किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम को कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, उद्योग एवं खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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