, Oct. 31 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में जनता के आशीर्वाद से बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)की सरकार बनने के बाद राज्य का परिदृश्य बदला। गांव-गांव तक सड़क, बिजली, पेयजल सहित बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्य हुए हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक बिहार में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराना है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।श्री चौधरी ने कहा कि अच्छी पढ़ाई और बेहतर नौकरी के लिए बिहार के युवा देश-दुनिया में कहीं भी जाएं, लेकिन मजबूरी में किसी को रोजगार एवं जीविकोपार्जन के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े। इसके लिए राज्य में उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है। औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट, थर्मल प्लांट और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी में युवाओं की बड़ी भागीदारी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। नवंबर 2030 तक एक करोड़ परिवारों को उद्योग जगत से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो राज्य अपनी कमजोरी को ताकत में बदलता है, वही आगे बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था और 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। उन्होंने अपने संकल्प को पूरा करके दिखाया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं। आने वाले चार वर्षों में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश की सबसे अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य है। राज्य के जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था समाप्त करने की दिशा में काम किया गया है। यदि कोई डॉक्टर बिना उचित कारण के मरीज को रेफर करता है तो उसे इसका कारण बताना होगा। जिला अस्पतालों में 52 प्रकार के ऑपरेशन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

श्री चौधरी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल एकता के प्रतीक, भारत के निर्माता और महान महापुरुषों में से एक थे, उन्होंने देश को जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। बिहार में अब तक स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं में सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर समारोह के आयोजक मंडल द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर तथा पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ.प्रमोद कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, विधायक उपेंद्र प्रसाद, विधायक श्रीमती अश्वमेघ देवी, विधायक रत्नेश कुमार, विधायक अरुण माझी, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण मेहता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, आयोजक मंडल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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