, July 21 -- श्री चौधरी ने कहा कि महिलाओं से निरंतर संवाद के आधार पर ही राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1,100 रूपये प्रति माह की गई है। एक करोड़ 70 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को पिछले एक वर्ष से 125 यूनिट निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत एक करोड़ 81 लाख महिलाओं के खातों में 10,000 रूपये की प्रथम किस्त भेजी जा चुकी है। ये सभी निर्णय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं।मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की मजबूत नींव वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा रखी गई, जब पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इन ऐतिहासिक निर्णयों ने बिहार की महिलाओं को नेतृत्व, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'नारीशक्ति वंदन अधिनियम लागू किया जिसके तहत लोकसभा एवं राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिये 33 प्रतिशत आरक्षित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने में जीविका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा गरीब परिवारों के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

समारोह को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने भी सम्बोधित किया।

मुख्यमंत्री के समक्ष जीविका की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने मुख्यमंत्री को हरित गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं नवचयनित अभ्यर्थीगण उपस्थित थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित