, May 26 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के महाविद्यालयों को संबद्ध करने के लिए देश के शीर्ष 10 विश्वविद्यालयों से एमओयू किया जाए, जिससे दूसरे राज्यों के विद्यार्थी भी बिहार आकर शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि नए महाविद्यालय ऐसे स्थानों पर स्थापित हों जहां विद्यार्थियों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री ने ए०एन० सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान को पुनर्व्यवस्थित कर उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि शोध संस्थानों को व्यवस्थित और विशेषज्ञता आधारित बनाया जाए, जिससे वहां नियमित शोध कार्य चलता रहे तथा सरकार की नीतियों और योजनाओं का प्रभावी अध्ययन एवं परीक्षण किया जा सके।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय योजनाओं, विश्वविद्यालयों की स्थिति, मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान, प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज स्थापना, महाविद्यालयों के स्थायी परिसर, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के पद सृजन तथा अन्य योजनाओं की अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न जिलों में अंगीभूत महाविद्यालयों की स्थिति, डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में नए महाविद्यालयों की स्थापना तथा अनुग्रह नारायण सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान को शोध विश्वविद्यालय में रूपांतरित करने के प्रस्ताव की भी जानकारी दी।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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