, July 9 -- बैठक के दौरान राज्य के लिए ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने की दिशा में आवश्यक पहल करने पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं एवं औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए बिहार को उभरती हुई स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए तैयार करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के लिये निवेशकों के लिए अनुकूल एवं पारदर्शी वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिहार की सौर ऊर्जा क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कर उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उत्पादन, वितरण एवं ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ बनाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों तथा जीवाश्म ईंधनों एवं परिवहन श्रृंखलाओं से जुड़ी अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत को स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। सभी नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं का सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बिहार में प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।
बैठक में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव संतोष कुमार सारंगी एवं बिहार सरकार में ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव ने नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में नई दिल्ली से नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव संतोष कुमार सारंगी एवं उनकी टीम तथा बिहार के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम ये जुड़े हुये थे।
बैठक में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी, बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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