, Aug. 26 -- इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने 'मुख्यमंत्री बालिका पी.एच.डी. फेलोशिप' का शुभारंभ किया। इसके तहत लगभग 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक 10,000 रूपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने 'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' का भी शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत महिला उद्यमियों को अपने नवाचार एवं उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50,000 रूपये से दो लाख रूपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 2100 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। इससे बेटियों में उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियाँ 1.36 लाख करोड़ रूपये का योगदान कर रही हैं। राज्य की 43 लाख जीविका दीदियाँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में एक करोड़ और जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाया जाए।
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