, May 20 -- इस बैठक में विभाग के सचिव, अपर सचिव सहित सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जबकि राज्य के सभी प्रमंडलीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक से जुड़े हुए थे। ग्रामीण कार्य मंत्री ने अधिकारियों और अभियंताओं को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । इसके साथ ही आगामी तीन महीनों के लिए विशेष लक्ष्य निर्धारित करते हुए उन्होंने विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाकर अधिकतम परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पुलों के निर्माण में भार वहन क्षमता और दीर्घकालिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर विभाग के सचिव ने भी सभी क्षेत्रीय एवं मुख्यालय स्तर के पदाधिकारियों को निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों में तत्काल प्रभाव से तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने मानसून पूर्व सभी आवश्यक कार्यों को सुरक्षित स्तर तक पूर्ण करने पर विशेष बल दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी ग्रामीण सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप्स, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड तथा हमारा बिहार हमारी सड़क योजना से संबंधित डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया।

वहीं राज्य सरकार की जन-सहभागिता संबंधी नई पहल 'सहयोग शिविर' के माध्यम से प्राप्त शिकायतों, सुझावों एवं मांगों के त्वरित निष्पादन और उनकी नियमित रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित