, Oct. 5 -- समीक्षा में बताया गया कि सितंबर 2026 में राज्य के जिला अस्पतालों में कुल 49,450 मरीज आईपीडी में भर्ती हुए। जून में यह संख्या 26,443 और जुलाई में 36,680 थी, जबकि अगस्त में 49,973 मरीज भर्ती हुए थे। इससे स्पष्ट है कि जिला अस्पतालों में आईपीडी सेवाओं का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।सितंबर में आईपीडी दाखिले के मामले में मधेपुरा 8,037 मरीजों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद बांका में 2,488, मुंगेर में 2,327, अररिया में 2,065 और सहरसा में 1,709 मरीज भर्ती हुए। वहीं जहानाबाद, शिवहर, भागलपुर, जमुई और नवादा में आईपीडी दाखिले अपेक्षाकृत कम पाए गए।

मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने की भी समीक्षा की गई। सितंबर में पूरे राज्य में 4,413 ईएचआर लिंक किए गए। मधेपुरा में सर्वाधिक 1,787 रिकॉर्ड लिंक हुए। इसके बाद अररिया, पटना, गोपालगंज और वैशाली का प्रदर्शन बेहतर रहा। दूसरी ओर कटिहार में एक भी रिकॉर्ड लिंक नहीं होने तथा सहरसा, सिवान, सुपौल और सारण में बहुत कम प्रगति पर स्वास्थ्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

सितंबर माह में जिला अस्पतालों के एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी विभागों में कुल 2,05,566 मरीजों का पंजीकरण हुआ। भोजपुर में सर्वाधिक 16,570 मरीजों ने इमरजेंसी सेवा प्राप्त की। इसके बाद सिवान, अररिया, वैशाली और मधेपुरा का स्थान रहा। वहीं लखीसराय, शेखपुरा, सहरसा, कटिहार और पटना में इमरजेंसी पंजीकरण अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया।

स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों में 24x7 इमरजेंसी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और मरीजों को समय पर आवश्यक जांच एवं उपचार मिले।

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