, Sept. 8 -- स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार उपरोक्त पुनरीक्षित मानदेय 01 सितम्बर 2026 से प्रभावी होगा। इस प्रस्ताव में प्राधिकृत समिति की अनुशंसा एवं सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। विभाग द्वारा मानदेय की संशोधित दरों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित संस्थानों को दिए गए हैं।सरकार के इस निर्णय से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में संविदा के आधार पर कार्यरत प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, सीनियर रेजिडेंट एवं जूनियर रेजिडेंट को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
मानदेय में यह संशोधन राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत मानव संसाधन को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। राज्य के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में संविदा के आधार पर कार्यरत प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, सीनियर रेजिडेंट एवं जूनियर रेजिडेंट की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके योगदान को देखते हुए सरकार ने इनके मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया है।उन्होंने कहा कि इस निर्णय से इन्हें प्रोत्साहन मिलेगा तथा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ एवं योग्य मानव संसाधन की उपलब्धता को और मजबूती मिलेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित